कुछ कम .beep.....beep.........?
कुछ ज्यादा .beep.......beep.............?"
माफ़ करना हुजुर ! सामाजिक मंच है इसलिए अपशब्द नहीं लिख सकता पर इतना मजबूर भी नहीं कि एहसास नहीं करवा सकता! आये दिन समाचार सुन रहा हूँ ! देख रहा हूँ ! कभी किसी गली में, कभी किसी नुक्कड़ पर, कभी पर्वतों पर, कभी नदियों में, कभी आश्रम में, कभी शमशान में, कभी कुम्भ में, कभी घाटों पर हर जगह एक अदद भगवा धारी बाबा का वास है ! जो लम्बी सी दाढ़ी , लम्बे से बाल गले में दुनियां भर के कंठी माला पहने, उम्र के अंतिम पड़ाव पर और भगवा पहने और हाथों में कमंडल लिए इस कलयुग में विचरण कर रहे है ! कोई योग साधना में लीन है ! कोई भोग साधना में लीन है ! कुछ इच्छाधारी तो केवल साधना के साथ लीन है !
अब तो डर लगता है कि ना जाने कब गलती से "संस्कार" कि "आस्था" टूट जाये और प्रात:काल किसी बाबा का सीधा प्रसारण सीधे उनके शयन कक्ष से दिख जाये ! और संवाददाता चिल्लाये - देखिये आप इस वक़्त देख सकते है अपनी टी.वी स्क्रीन पर हमारी यह Exclusive Report जो कि सबसे पहले हमारे न्यूज़ चैनल पर प्रसारित हो रही है ! पहचानिए इस पाखंडी बाबा को जो अपनी एक चेली के साथ सो रहे है ! अब आप देखिये बाबा कैसे पानी पी रहे है ! देख लीजिये गौर से इस बाबा को कि कैसे बाबा लड़की को कमर पर चिमटी काटते है ! कैसे बाबा साड़ी खींच रहे है ! कैसे यह बाबा द्रोपदी का चीर हरण कर रहे है ! क्या आप ऐसे बाबा पर विश्वास करेंगे ? फिर कुछ बेवकूफ इस विषय पर बहस करेंगे ! कुछ पक्ष में कहेंगे, कुछ विपक्ष में रहेंगे ! 1 घंटे ड्रामा होगा फिर सब शांत ..............
अगले दिन फिर एक नए बाबा का उत्पादन होगा और फिर वो राम भजन गायेगा या फिर कृष्ण लीला यह पब्लिक डिमांड पर तय होगा ! लोग हरे रामा........ हरे रामा बोलेंगे.......... या हरे कृष्णा.......... हरे कृष्णा................ यह सब चढ़ावे के बाद तय होगा !
लेकिन असली बात तो यह है कि उस बाबा का क्या होगा जो पकड़ा गया सेक्स रैकेट में ? कुछ नहीं.....
जमानत पर रिहा हो जायेगा आज तक कितने बाबाओ को सजा हुई है ! जो इसको हो जाएगी .......
बलि वाले बाबा आज़ाद है ! योग वाले बाबा आज़ाद है ! भोग वाले बाबा आजाद है ! क्योकि जब तक "आशा" है , तब तक "राम" है और "बापू" का तो देश है ! फिर चाहे कोई "राम" हो "देव" हो या किसी कि कैसी भी "इच्छा" हो सब के सब "इच्छाधारी" है बस श्री श्री करते करते "रवि" दर्शन करो और "शंकर" का स्मरण करो क्योकि मानव स्वाभाव ही "नित्य" "आनंद" करता है !
जरा गौर कीजिये जितने भी बाबा आज के युग में है उनकी गाढ़ी कमाई कितनी होगी ? और वो लोग कितना Income Tex देते होंगे इसका ब्यौरा निकलवाये तो आयकर विभाग हड़ताल कर देगा और जवाब "शून्य" निकलेगा ! किन्तु इनके आश्रम,मठ और सिहांसन को देखे तो मुग़ल बादशाह "शाहजहाँ" भी एक बार फिर से कब्र में ही दम तोड़ देगा ! "किन्नर" जाति का मजाक उड़ाने वाले बाबा भी अब तक नहीं समझ सके कि ऐसे लोग भी उस ही ईश्वर कि कृति है जिनकी वो खुद है कुछ तो शर्म किये होते बाबा तुमसे यह "आशा" नहीं थी कि तुम मुहं में "राम" कहोगे और पीठ पर मजाक उड़ा दोगे और बच्चो कि बलि दोगे वो भी "बापू" के देश में !
काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, माया ! असली बाबा कि चंद निशानी ऐसा नहीं है कि बाबा का उत्पादन पहले नहीं होता था पर पहले १०० % शुद्ध बाबा होते थे ! साईं बाबा , कबीर , गुरु नानक इत्यादि ऐसे नाम है जिनको ना आश्रम कि जरुरत थी, ना चढ़ावे कि, ना भगवे कि, ना भक्तों कि, वो ज्ञानी थे ! आज कल के बाबा ना ज्ञानी है ना अज्ञानी है बस एक ही नाम है उनका ....Beep......Beep.............?
किसी जानवर का नाम लिख कर मै उस जानवर का अपमान नहीं करना चाहता था इसलिए यह नाम सटीक लगता है !
जो बरबस मेरे मुह से फूट पड़ता है किसी बाबा को और उनके भक्तों को देख कर कि
" इस दुनियां में भांति भांति के लोग ...
कुछ कम ..Beep..........Beep..................?
कुछ ज्यादा ..Beep.........Beep............................? "
vinay pandey